शिमला शहर

दिशा

शिमला जिले में 77o-0 “और 78 -19” पूर्व और अक्षांश 30o-45 “और 31o-44” उतरी अक्षांश स्थित है। यह उत्तर में मंडी और कुल्लू, पूर्व में किन्नौर, दक्षिण में उत्तरांचल राज्य, सिरमौर, पश्चिम में जिला है। जिले की ऊंचाई 300 से 6000 मीटर तक है। ज़िला की प्रमुख चोटियाँ हैं: जाखू(शिमला शहर में), सियाह(चैल के नज़दीक), चूड़धार चौपाल तहसील में, चांसल रोहडू तहसील में, हाटू कुम्हारसेन तहसील में तथा शाली उपत्यका सुन्नी तहसील में। जिले की टोपोलॉजी बीहड़ और कठिन है शिमला जिले को शिमला शहर से अपना नाम मिला, जो एक बार एक छोटा गांव था। शिमला जिला अपने वर्तमान रूप में राज्य के जिलों के पुनर्गठन पर 1 सितंबर, 1 9 72 से अस्तित्व में आया।

शिमला वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की राजधानी है और पूर्व भारत में ब्रिटिशों की राजधानी रही है, जितना हम सोच सकते है वो सभी प्राकृतिक उपहार आशीर्वाद के रूप में शिमला को मिले है यह स्थान चारों ओर से हरे भरे पहाड़ों और हिमाच्छादित चोटियों से घिरा हुआ है औपनिवेशिक युग के दौरान की संरचनाओं एवं यहाँ की शांत पहाड़ियों की आभा इसे अन्य पहाडियों से बहुत अलग बनाती है। अभूतपूर्व विस्तार के साथ तेजी से उभरता हुआ शिमला अपनी औपनिवेशिक विरासत एवं भव्य पुरानी इमारतों के लिए जाना जाता है, उनमें से कुछ सुप्रसिद्ध नाम वाइसरागल लॉज, आकर्षक आयरन लैंप पोस्ट और एंग्लो-सैक्सन हैं। मॉल रोड पर विभिन्न प्रकार की दुकानें ,भोजनालय शहर के आकर्षण का केंद्र है, यहाँ का स्कैंडल प्वाइंट पटियाला के पूर्व महाराजा की एतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है, यहाँ से दूरदराज़ की बर्फ से ढकी चोटियों का दृश्य नज़र आता है। शिमला पहुंचना बहुत आसन है , हालाँकि शहर में एक हवाई सेवा है, यहाँ हिमालय के ग्रामीण इलाकों की सुन्दरता का आनंद सड़क के द्वारा पहुंचने पर आचे से किया जा सकता है । यहाँ के पुराने बंगले एवं उनकी त्रिभुजाकार छतें और सुंदर उद्यान आज भी शिमला की पुरानी यादों को ताज़ा करते हैं।

फोटो गैलरी

  • बर्फ़ से ढकी शिमला पहाड़ियां
  • बर्फ़ के दौरान रिज
  • बर्फ़ में चमकता चर्च

कैसे पहुंचें:

वायु द्वारा

शिमला हवाई अड्डा जुबर्ट्टी में स्थित है, शहर से 23 किमी दूर है और दिल्ली से जुड़ा है।

ट्रेन द्वारा

शिमला मीटर गेज पर कालका (9 6 किलोमीटर) से जुड़ा हुआ है और यह शिमला से मिलने के लिए कालका से लगभग 6 घंटे लगते हैं। कालका से शिमला आने एवं जाने के लिए रोज़ 3 से 4 गाड़ियां हैं। शिवालिक एक्सप्रेस कम मार्ग और पेंट्री सुविधा के साथ इस मार्ग पर लक्जरी डीलक्स रेल है। कोई भी रेल कार के माध्यम से भी यात्रा कर सकता है (मुख्य रूप से भारत में इस मार्ग पर चलने वाला एक ऐसा प्रकार)। रात को दिल्ली से चलने वाली कालका मेल सुबह जल्दी कालका पहुंच जाती है, सुंदर संकीर्ण मार्ग पर शिमला के लिए जुडी हुई रेल पकड़ने के लिए यही उचित समय है, इस मार्ग पर कुल 103 सुरंगे है जिन में सबसे लम्बी सुरंग 1.2 कि०मी० की है ।

सड़क के द्वारा

शिमला सभी प्रमुख शहरों में सड़क से जुड़ा हुआ है।